पुरुष पैटन गंजापन के 8 कारण!!

पुरुषों में गंजेपन के 8 कारण
बालों का झड़ना और गंजापन पुरुषों में आम चिंता का विषय है। जबकि उम्र बढ़ने के साथ कुछ बाल झड़ना स्वाभाविक है, कई अन्य कारण अत्यधिक बाल झड़ने या गंजेपन में योगदान कर सकते हैं।
1. आनुवांशिकता
आनुवांशिक कारणों से होने वाला बालों का झड़ना सबसे सामान्य प्रकार है और आमतौर पर स्थायी होता है। शुरुआती चरण में बाल पतले और आसानी से झड़ने लगते हैं। नए उगने वाले बाल कमजोर होते जाते हैं, जिससे सिर की त्वचा पर बालों का पतलापन स्पष्ट होने लगता है। समय के साथ प्रभावित क्षेत्र बढ़ जाते हैं और बालों की जड़ें (hair follicles) सिकुड़ने लगती हैं, जिससे अनुवांशिक गंजापन होता है।
2. थायरॉयड विकार
जब थायरॉयड ग्रंथि पर्याप्त थायरॉयड हार्मोन का उत्पादन नहीं करती है, तो शरीर का चयापचय (metabolism) धीमा हो जाता है। यह हार्मोनल असंतुलन शरीर की विभिन्न प्रक्रियाओं को प्रभावित करता है, जिसमें बालों की वृद्धि भी शामिल है, और इससे सिर के अलावा शरीर के अन्य हिस्सों में भी बालों का झड़ना हो सकता है।
3. उम्र बढ़ना
जैसे-जैसे पुरुषों की उम्र बढ़ती है, सिर की त्वचा में रक्त परिसंचरण (blood circulation) घट जाता है। बालों की जड़ें (hair follicles) कम सक्रिय हो जाती हैं और सिर की कोशिकाएं धीरे-धीरे खराब होने लगती हैं। इससे बालों की जड़ें सिकुड़ जाती हैं, जिससे बाल छोटे और पतले हो जाते हैं, जो युवा अवस्था की तुलना में कम घने होते हैं।
4. टेस्टोस्टेरोन और DHT
टेस्टोस्टेरोन, जो मुख्य रूप से अंडकोष (testes) और प्रोस्टेट (prostate) में बनता है, डिहाइड्रोटेस्टोस्टेरोन (DHT) में परिवर्तित हो सकता है। DHT बालों की जड़ों को कमजोर करता है, जिससे बाल पतले हो जाते हैं और आसानी से झड़ जाते हैं। यह नए बालों के विकास को भी धीमा कर देता है।
5. दवाइयां और विकिरण
कुछ दवाइयां बालों के झड़ने का कारण बन सकती हैं, जिसमें कीमोथेरेपी (chemotherapy) दवाएं, खून पतला करने वाली दवाएं (blood-thinning medications), ब्लड प्रेशर की दवाइयां (blood pressure medications), हार्मोनल दवाइयां, थायरॉयड की दवाइयां और एंटी-सीज़र (anti-seizure) दवाइयां शामिल हैं। दवाइयों के कारण होने वाला बालों का झड़ना अक्सर अस्थायी होता है और दवा बंद करने पर रुक सकता है। कैंसर के लिए रेडिएशन थेरेपी (radiation therapy) और कीमोथेरेपी भी बालों के झड़ने के प्रमुख कारण हैं।
6. तनाव
तनाव दो मुख्य प्रकार से बाल झड़ने का कारण बन सकता है:
टेलोजन एफ्लिवियम (Telogen Effluvium)
तीव्र तनाव बालों की जड़ों (hair follicles) को समय से पहले विश्राम अवस्था (resting phase) में पहुंचा सकता है, जिससे 2-3 महीनों के भीतर बाल झड़ सकते हैं। आमतौर पर 6-9 महीनों के भीतर बाल फिर से सामान्य रूप से बढ़ने लगते हैं।
एलोपेसिया एरिएटा (Alopecia Areata)
यह तनाव से जुड़ी अधिक गंभीर स्थिति है, जिसमें इम्यून सिस्टम बालों की जड़ों पर हमला करता है, जिससे अचानक छोटे गोलाकार क्षेत्रों में बाल झड़ने लगते हैं, जो धीरे-धीरे बढ़ सकते हैं। कई मामलों में बाल फिर से उग सकते हैं, हालांकि मेडिकल सलाह की आवश्यकता हो सकती है।
7. चिकित्सकीय स्थितियाँ
कुछ बीमारियाँ भी बालों के झड़ने का कारण बन सकती हैं, जिसमें सिर में फंगल संक्रमण (scalp fungal infections), थायरॉयड विकार (thyroid disorders), ऑटोइम्यून रोग (autoimmune diseases), सिफिलिस (syphilis) और गुर्दे की बीमारी (kidney disease) शामिल हैं।
8. पोषण की कमी
विटामिन B कॉम्प्लेक्स, प्रोटीन एवं अन्य आवश्यक पोषक तत्वों की कमी बालों के पतले होने, रूखेपन और बाल झड़ने का कारण बन सकती है। ये पोषक तत्व स्वस्थ बालों की वृद्धि के लिए आवश्यक हैं। इसके अतिरिक्त, विटामिन A की अत्यधिक मात्रा भी बालों की वृद्धि को धीमा कर सकती है और झड़ने में योगदान कर सकती है।

स्रोत : M CLINIC
**अनुवादित और संकलित: ArokaGO कंटेंट टीम
स्वतंत्र लेखक
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