आपको नहीं नजरअंदाज करनी चाहिए टखने की चोटें

टखने की चोटें आमतौर पर रोजमर्रा की जिंदगी में देखी जाती हैं, विशेष रूप से टखना मरोड़ (ankle sprains), जो व्यायाम सहित दैनिक गतिविधियों के दौरान हो सकती हैं। अगर सही तरीके से इलाज न किया जाए, तो ये जटिलताओं या लंबे समय तक बने रहने वाले लक्षणों का कारण बन सकती हैं, जो जीवन की गुणवत्ता को प्रभावित कर सकते हैं।
लक्षणों, कारणों, प्राथमिक चिकित्सा, उपचार के तरीके और सही रोकथाम को समझना जटिलताओं के जोखिम को कम करने और प्रभावी ढंग से पुनर्प्राप्ति प्रक्रिया को तेज करने में मदद कर सकता है।
1. टखने की चोटों की विशेषताएँ
टखने की चोटें प्रकार और गंभीरता के अनुसार भिन्न हो सकती हैं, जिनको निम्नानुसार वर्गीकृत किया जाता है:
तीव्र लक्षण
๐ चोट के तुरंत बाद टखने में दर्द
๐ टखने के आसपास सूजन
๐ नीला पड़ना या रंग बदलना
๐ गतिशीलता में कठिनाई, चलना असंभव या कठिन होना
दीर्घकालिक लक्षण
๐ उपयोग के दौरान टखने में दर्द
๐ टखने में जकड़न, खासतौर पर सुबह में
๐ टखने के आसपास की मांसपेशियों में कमजोरी
๐ खड़े होने पर ढीलापन महसूस होना या लगातार टखना मरोड़ (ankle sprains) होना
2. टखने की चोटों के सामान्य कारण
๐ खेल गतिविधियाँ, जैसे ऊबड़-खाबड़ सतह पर दौड़ना, कूदना, या तेजी से दिशा बदलना
๐ रोजमर्रा के जीवन में दुर्घटनाएँ, जैसे सीढ़ियों पर गलत कदम रखना, अनुपयुक्त वातावरण में फिसल जाना, या गलत/असुविधाजनक जूते पहनना
๐ व्यक्तिगत जोखिम कारक
๐ पूर्व में टखना मरोड़ (ankle sprain) का इतिहास
๐ टखने के आसपास की मांसपेशियां कमजोर होना
๐ अधिक वजन या वृद्धावस्था
๐ टखने की लचीलेपन में कमी
3. बुनियादी प्राथमिक चिकित्सा
चोट के पहले 48 - 72 घंटों में RICE प्रोटोकॉल का उपयोग करें
R – Rest (विश्राम)
๐ उन गतिविधियों से बचें जो दर्द बढ़ाती हैं
๐ घायल टखने पर वजन न डालें
๐ बैसाखी या सहायक उपकरणों का प्रयोग करें
I – Ice (बर्फ)
๐ कपड़े की परत लगाकर, हर 2-3 घंटे में 15-20 मिनट बर्फ लगाएँ ताकि त्वचा पर सीधे संपर्क से बच सकें
๐ C – Compression (दबाव)
๐ रक्त प्रवाह न रुकने पाए, इसका ध्यान रखते हुए इलास्टिक बैंडेज से कसकर लेकिन बहुत कसकर न बाँधें
E – Elevation (ऊँचाई)
๐ सूजन कम करने के लिए टखने को हृदय के स्तर से ऊपर रखें, लेटते या बैठते समय तकिये का उपयोग करें
पहले 48-72 घंटे में बचें
๐ गर्मी न लगाएँ
๐ मालिश या टखने का अत्यधिक उपयोग न करें
4. वे टखने की चोटें जिनके लिए चिकित्सकीय ध्यान आवश्यक है
๐ गंभीर दर्द जो वजन डालने से रोके
๐ टखने का विकृत या असामान्य आकार
๐ पाँव में सुन्नता या रंग बदलना
๐ चोट लगने के समय 'पॉप' की आवाज आना
๐ प्रारंभिक देखभाल के बावजूद लगातार दर्द रहना
๐ बार-बार टखने की चोट का इतिहास
๐ एक सप्ताह से अधिक समय तक टखने में दर्द रहना
๐ टखना अस्थिर या अधिक ढीला लगना
๐ टखने की गति सीमित होना
๐ संक्रमण के लक्षण जैसे लालिमा, गर्माहट, या पस (pus)
5. नैदानिक परीक्षण (Clinical Diagnosis)
चिकित्सक निम्न के आधार पर निदान करते हैं:
๐ रोग-इतिहास और शारीरिक परीक्षा
๐ एक्स-रे इमेजिंग: फ्रैक्चर (fracture) और जोड़ के क्रम (alignment) की जांच हेतु
๐ अन्य जांच
๐ अल्ट्रासाउंड: टेंडन (tendon) और मांसपेशियों का आकलन करने के लिए
๐ MRI: टेंडन, मांसपेशियों, जोड़ सतह एवं हड्डियों के मूल्यांकन हेतु
๐ CT स्कैन: जटिल फ्रैक्चर (complex fractures) का आकलन करने के लिए
๐ लिगामेंट आंसू (ligament tear) की गंभीरता का मूल्यांकन
๐ ग्रेड 1: लिगामेंट में सूजन या मामूली खिचाव, बिना फटे
๐ ग्रेड 2: आंशिक लिगामेंट आंसू (partial ligament tear)
๐ ग्रेड 3: पूर्ण लिगामेंट आंसू (complete or full ligament tear)
उपचार के तरीके
गैर-सर्जिकल उपचार: अधिकांश मरीज बिना सर्जरी ठीक हो जाते हैं
तीव्र अवस्था (0 - 72 घंटे)
๐ RICE प्रोटोकॉल का पालन करें
๐ चिकित्सक द्वारा निर्धारित पेन रिलीवर एवं सूजन-रोधी दवाएँ लें
๐ गंभीरता के अनुसार टखना सपोर्टिंग डिवाइस या शॉर्ट लेग स्प्लिंट का उपयोग करें
๐ दर्दनिवारक एवं सूजन-रोधी दवाएँ जैसे पैरासिटामोल या नॉनस्टेरॉइडल एंटी-इन्फ्लेमेटरी ड्रग्स (NSAIDs)
पुनर्वास अवस्था (3 - 7 दिन)
๐ सूजन कम होने के बाद गर्मी लगाना शुरू करें
๐ लचीलेपन बढ़ाने और अकड़न रोकने हेतु हल्की व्यायाम जैसे टखने की गति शुरु करें
๐ रक्त संचार बढ़ाने के लिए हल्की मालिश करें
पुनर्प्राप्ति अवस्था (1-4 सप्ताह)
๐ टखने के आसपास की मांसपेशियों को मजबूत करना (Strengthening), लचीलेपन को बेहतर बनाना (Stretching), और संतुलन व प्रोप्रियोसेप्शन को बढ़ाना
๐ सूजन कम करने के लिए भौतिक चिकित्सा (Physical therapy), जैसे अल्ट्रासाउंड या लेज़र थेरेपी
सर्जिकल उपचार (Surgical Treatment)
आर्थ्रोस्कोपिक सर्जरी (Arthroscopic surgery) सामान्यत: प्रयुक्त होती है, जिसमें छोटे चीरे (incision) और तेज़ रिकवरी होती है। संकेत इनमें शामिल हैं:
๐ पूर्ण लिगामेंट आंसू (Grade 3)
๐ लगातार टखना अस्थिरता
๐ 3–6 महीने की निरंतर चिकित्सा के बाद भी सुधार न होना
7. अक्सर पूछे जाने वाले प्रश्न
मरोड़ के बाद टखने का दर्द कितने समय तक रहना चाहिए, उसके बाद डॉक्टर को दिखाएँ?
๐ यदि लक्षण 4 सप्ताह से अधिक देर तक बने रहते हैं, तो कारण की पहचान हेतु डॉक्टर से संपर्क करना चाहिए, क्योंकि जोखिम कारक दर्द को लंबा कर सकते हैं, जैसे:
๐ अपेक्षा से अधिक गंभीर टेंडन या हड्डी की चोट
๐ अपर्याप्त इलाज
๐ अनुचित पुनर्वास या फिजिकल थेरेपी
टखना मरोड़ (ankle sprains) की जटिलताएं क्या हैं?
๐ क्रोनिक (दीर्घकालिक) टखने की अस्थिरता
๐ बार-बार टखना मरोड़ (recurrent ankle sprains) होना
๐ दीर्घकालिक दर्द
๐ ट्रॉमा के बाद टखने का ऑस्टियोआर्थराइटिस (post-traumatic ankle osteoarthritis)
8. अनुशंसाओं का सारांश
टखने की चोटें, विशेष रूप से टखना मरोड़ (ankle sprains), आम समस्याएँ हैं जिन्हें नजरअंदाज नहीं करना चाहिए। सही प्रारंभिक उपचार, विशेषज्ञ द्वारा मूल्यांकन और निरंतर फिजिकल थेरेपी जटिलताओं को कम कर सकते हैं और मरीजों की दैनिक गतिविधियों में सुरक्षित वापसी में मदद कर सकते हैं।
यदि लक्षण निर्धारित समय सीमा में बेहतर नहीं होते या कोई चेतावनी संकेत प्रकट होते हैं, तो उचित निदान और देखभाल के लिए तुरंत डॉक्टर से संपर्क करें।
स्रोत : Phyathai 3 Hospital
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