किडनी रोग और प्रारंभिक किडनी अपरजनन (Kidney Degeneration) वाले रोगियों के लिए दिशानिर्देश

गुर्दे की खराबी को धीमा कैसे करें
1. रक्तचाप नियंत्रण
๐ रक्तचाप को 130/80 mmHg से नीचे बनाए रखें
๐ अनियंत्रित उतार-चढ़ाव गुर्दे की क्षति को तेज करते हैं
๐ निर्धारित एंटीहाइपरटेन्सिव दवाओं का नियमित रूप से सेवन करें
2. रक्त शर्करा नियंत्रण
๐ रक्त ग्लूकोज को सामान्य सीमा में बनाए रखें
๐ निम्नलिखित क्षति को रोकें:
๐ गुर्दे
๐ रक्त वाहिकाएँ (मस्तिष्क, हृदय, आँखें)
3. आहार प्रबंधन
3.1 प्रोटीन का सेवन
๐ लाल मांस
๐ अंग मांस:
๐ मछली (पचाने में आसान)
๐ चिकन और पोर्क का मध्यम सेवन
3.2 नमक (सोडियम) की मात्रा का सीमित करना
अधिक सोडियम वाले खाद्य पदार्थों से बचें:
๐ अचारयुक्त खाद्य पदार्थ
๐ सॉस (सोया सॉस, फिश सॉस)
๐ प्रसंस्कृत खाद्य पदार्थ
๐ स्नैक्स
3.3 तरल सेवन
๐ मध्यम मात्रा में तरल पिएं (ना अधिक, ना कम)
๐ शरीर का वजन और सूजन मॉनिटर करें
๐ डॉक्टर की सलाह का पालन करें
3.4 वसा का सेवन
๐ नारियल का दूध
๐ तले हुए खाद्य पदार्थ
๐ वसा युक्त मांस
๐ अंडे की जर्दी
๐ समुद्री भोजन (अधिकता में)
4. धूम्रपान बंद करें
๐ धूम्रपान गुर्दे की क्षति को तेज करता है
๐ छोड़ना अत्यधिक आवश्यक है
5. नेफ्रोटॉक्सिक दवाओं से बचें
कुछ दवाएँ गुर्दों को नुकसान पहुंचाती हैं, जैसे:
๐ दर्द निवारक (NSAIDs)
๐ हर्बल दवाएँ
๐ उच्च पोटेशियम वाले सप्लीमेंट
उच्च पोटेशियम वाले खाद्य पदार्थों के उदाहरण:
๐ ड्यूरियन
๐ कटहल
๐ लॉन्गन
6. एनीमिया का प्रबंधन
๐ एनीमिया का उचित उपचार गुर्दों की क्षति को धीमा करने में सहायक
7. फॉस्फेट स्तर नियंत्रण
अधिक फॉस्फेट वाले खाद्य पदार्थ:
๐ डेयरी उत्पाद
๐ दालें
๐ चॉकलेट
๐ शीतल पेय (विशेष रूप से कोला)
8. संक्रमण से बचाव
इन लक्षणों पर चिकित्सा सहायता लें:
๐ बुखार
๐ असामान्य पेशाब
9. डायुरेटिक्स का सावधानीपूर्वक उपयोग
लाभकारी हैं, परंतु अत्यधिक उपयोग:
๐ निर्जलीकरण का कारण बन सकता है
๐ गुर्दे की कार्यक्षमता प्रभावित कर सकता है
10. उचित व्यायाम
हल्का से मध्यम व्यायाम:
๐ पैदल चलना
๐ स्ट्रेचिंग
डायलिसिस मरीजों के लिए पोषण
जब गुर्दे अपशिष्ट निकालने में असमर्थ हो जाते हैं, तब उचित पोषण आवश्यक हो जाता है।
1. प्रोटीन
ऊतक मरम्मत के लिए आवश्यक:
๐ मांस, मछली, अंडे, दूध
2. कार्बोहाइड्रेट
ऊर्जा प्रदान करते हैं
๐ चावल
๐ ब्रेड
๐ नूडल्स
๐ स्टार्चयुक्त खाद्य पदार्थ
3. वसा
स्वस्थ वसा चुनें:
๐ सोयाबीन तेल
๐ राइस ब्रान ऑयल
๐ जैतून का तेल
4. सब्ज़ियाँ
๐ नियमित रूप से खाएं
๐ कम पोटेशियम वाली सब्ज़ियाँ चुनें
5. फल
कम पोटेशियम (सुरक्षित - 1 सर्विंग/दिन)
๐ सेब
๐ अनानास
๐ मेंगोस्टीन
๐ रामबूटन
๐ तरबूज
๐ जामुन (रोज़ ऐप्पल)
अधिक पोटेशियम (बचें)
๐ केला
๐ ड्यूरियन
๐ आम
๐ पपीता
๐ लॉन्गन
๐ कीवी
6. सोडियम का सीमित सेवन
๐ अत्यधिक नमक और प्रसंस्कृत खाद्य पदार्थों से बचें
๐ अतिरिक्त नमक न डालें
सब्ज़ियों के पोटेशियम गाइड
मध्यम पोटेशियम (100-250 मि.ग्रा.)
๐ पत्ता गोभी
๐ खीरा
๐ मूंग स्प्राउट्स
๐ सफेद मूली
अधिक पोटेशियम (250-450 मि.ग्रा.)
๐ ब्रोकोली
๐ गाजर
๐ टमाटर
๐ केल
निष्कर्ष
उचित स्व-देखभाल से गुर्दे की क्षति को काफी हद तक धीमा किया जा सकता है और जीवन की गुणवत्ता में सुधार हो सकता है।
स्रोत : Bangphai Hospital
**अनुवादित एवं संकलित: अरोकागो सामग्री टीम
स्वतंत्र लेखक
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