फेफड़ों की पुनर्वास

पल्मोनरी रिहैबिलिटेशन के माध्यम से फेफड़ों की कार्यक्षमता को मजबूत बनाना
1. सांस लेने के व्यायाम
सांस लेने के व्यायाम ठीक होने के पहले 2 हफ्तों के दौरान अत्यंत आवश्यक होते हैं।
अपनी नाक से गहराई से सांस लें, फिर अपने मुँह से धीरे-धीरे छोड़ें। आप श्वास छोड़ते वक्त धीरे से “ऊ” भी कह सकते हैं, जब तक आपके फेफड़े पूरी तरह खाली न हो जाएं। फिर पुनः पूरी सांस लें और दोहराएं।
दागदार ऊतक (Scar tissue) फेफड़ों की ऊतक को कठोर बना सकता है, लेकिन नियमित श्वास व्यायाम लचीलापन (elasticity) को बेहतर बनाते हैं और धीरे-धीरे सामान्य फेफड़ों की कार्यक्षमता बहाल करने में मदद करते हैं।
2. फेफड़ों के फैलाव के व्यायाम
यह विधि भी पहले 2 हफ्तों की रिकवरी के दौरान अनुशंसित है, जिसमें एक चिकित्सा उपकरण का उपयोग होता है जिसे Triflow (Incentive Spirometer) कहते हैं।
इस उपकरण में तीन गेंदें अलग-अलग कक्षों में होती हैं। जब आप सांस अंदर लेते हैं, गेंदें आपके सांस की ताकत के अनुसार ऊपर उठती हैं – जितनी गहरी सांस, उतनी अधिक गेंदें ऊपर उठती हैं।
यह तकनीक फेफड़ों को पूरी तरह फैलाने, लचीलापन सुधारने और धीरे-धीरे रिकवरी में सहायक होती है।
3. हल्का सामान्य व्यायाम
इसे रिकवरी के लगभग 3-4 हफ्ते बाद शुरू किया जा सकता है। इस चरण में, आपको अब भी थकावट महसूस हो सकती है, लेकिन फेफड़ों की कार्यक्षमता में सुधार शुरू हो चुका होता है।
हल्की गतिविधियों जैसे बार-बार चलना और लंबे समय तक निष्क्रियता से बचना प्रारंभ करें। 3-5 दिनों के बाद धीरे-धीरे तीव्रता बढ़ाएं – तेज चलना या शरीर के अनुकूलन के अनुसार हल्की दौड़ तक बढ़ना।
स्रोत : Chersery Home International
**अनुवाद एवं संकलन : ArokaGO कंटेंट टीम
Chersery Home International
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