रैबिज़: पालतू जानवर मालिकों के लिए एक छुपा खतरा

रेबीज कैसे फैलता है?
रेबीज संक्रमित लार के माध्यम से फैलता है, जिसमें शामिल हैं:
๐ जानवरों के काटने
๐ खरोंच
๐ खुले घाव पर चाटना
๐ लार का आँखों, नाक या मुँह में प्रवेश करना
๐ टूटी हुई त्वचा के संपर्क में आना
๐ संक्रमित कच्चे जानवर के मांस का सेवन करना (दुर्लभ मामलों में)
रेबीज के लक्षण
संक्रमण के बाद, लक्षण तुरंत प्रकट नहीं होते। ऊष्मायन अवधि आमतौर पर 3 सप्ताह या उससे अधिक होती है, जो घाव के आकार और स्थान जैसे कारकों पर निर्भर करती है।
चरण 1: प्रारंभिक लक्षण (2-10 दिन)
๐ बुखार
๐ सामान्य कमजोरी
๐ काटने के स्थान पर दर्द या जलन
चरण 2: तंत्रिका संबंधी लक्षण
2.1 एन्सेफलाइटिक (हिंस्र रेबीज)
๐ बुखार
๐ पानी से डर (हाइड्रोफोबिया)
๐ हवा से डर (एयरोफोबिया)
๐ मांसपेशियों में ऐंठन
๐ उत्तेजना, भ्रम, मतिभ्रम
๐ अनिद्रा
2.2 पक्षाघातकारी रेबीज
๐ प्रगतिशील मांसपेशी कमजोरी
๐ पक्षाघात
चरण 3: कोमा और मृत्यु
๐ श्वसन विफलता
๐ मृत्यु
रेबीज से बचाव
1. पूर्व-संक्रमण टीकाकरण
उच्च जोखिम वाले व्यक्तियों के लिए अनुशंसित:
๐ पालतू जानवरों के मालिक
๐ स्थानिक क्षेत्रों में यात्रा करने वाले यात्री
๐ कैंपर्स, ट्रेकर्स या बाहरी श्रमिक
2. संक्रमण के बाद टीकाकरण
काटने या संपर्क के बाद:
๐ घाव को तुरंत साफ करें
๐ रेबीज टीका लगवाएँ (इतिहास के अनुसार 1-5 डोज़)
๐ उच्च जोखिम वाले मामलों में रेबीज इम्युनोग्लोब्यूलिन (RIG) की आवश्यकता हो सकती है
क्या रेबीज का टीका सुरक्षित है?
हाँ। रेबीज टीके:
๐ अत्यधिक प्रभावी
๐ सभी उम्र के लिए सुरक्षित
๐ गर्भवती महिलाओं के लिए भी सुरक्षित
स्रोत : सान पाउलो हुआ हिन अस्पताल
**अनुवाद और संकलन : अरोकागो कंटेंट टीम
स्वतंत्र लेखक
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