हाइपाडिस: आप सोचते से भी ज्यादा खतरनाक

रेबीज़: एक तंत्रिका तंत्र संक्रमण रेबीज़, जिसे जलसंत्रास (Hydrophobia) भी कहा जाता है, एक वायरल संक्रमण है जो तंत्रिका तंत्र को प्रभावित करता है और जानवरों से मनुष्यों में फैलता है। यह आमतौर पर संक्रमित स्तनधारियों जैसे कुत्ते, बिल्ली, या अन्य वायरसयुक्त जानवरों के काटने, खरोंचने, या चाटने से फैलता है। एक बार वायरस शरीर में प्रवेश कर जाता है, तो यह घाव स्थल पर खुजली, ठंड लगना, दौरे, पानी से डर, मतिभ्रम, हृदय विफलता या यहां तक कि मृत्यु जैसे लक्षण उत्पन्न कर सकता है। हालांकि, रेबीज़ को टीकाकरण द्वारा रोका जा सकता है।

रेबीज़
रेबीज़ मुख्य रूप से स्तनधारियों, जैसे कुत्ते और बिल्ली, से मनुष्यों में फैलता है। यह रोग संक्रमित जानवर के काटने, खरोंचने या यहां तक कि लार के संपर्क में आने से भी फैल सकता है, विशेषकर यदि वह लार किसी खुले घाव, आंख, मुंह या नाक से संपर्क में आ जाए। एक बार वायरस शरीर में प्रवेश कर जाए और यदि इसका इलाज न किया जाए, तो आमतौर पर लक्षण 15-60 दिनों के भीतर प्रकट होते हैं, हालांकि कुछ मामलों में यह एक साल तक भी लग सकता है। चूंकि वर्तमान में रेबीज़ का कोई इलाज नहीं है, इसलिए लक्षण प्रकट होने के 2-7 दिनों के भीतर मरीज की मृत्यु हो सकती है।
रेबीज़ संक्रमण के लक्षण
- प्रारंभिक चरण: घाव स्थल पर खुजली, बुखार, ठंड लगना
- तंत्रिका संबंधी चरण: जलसंत्रास (Hydrophobia), भ्रम (Delirium), मांसपेशियों की कमजोरी
- कोमा चरण: हृदय विफलता (Heart failure), जिससे मृत्यु हो सकती है
पशु के काटने पर प्राथमिक चिकित्सा
- घाव को स्वच्छ पानी और साबुन से कम से कम 15 मिनट तक धोएं
- तुरंत चिकित्सा सहायता लें ताकि रेबीज़ टीकाकरण प्राप्त किया जा सके
- यदि जानवर को रेबीज़ होने का संदेह है तो विशेषकर बीमारी नियंत्रण हेतु स्थानीय स्वास्थ्य प्राधिकरण को सूचित करें।
- जानवर को क्वारंटीन में रखें और कम से कम 10 दिनों तक उसकी निगरानी करें।
स्रोत : थाई नकारिन अस्पताल
**अरोग्यGO कंटेंट टीम द्वारा अनूदित एवं संकलित
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