"खर्राटे" खतरनाक हैं, स्लिप एप्निया का खतरा

"खर्राटे" खतरनाक हैं, स्लीप एपनिया का जोखिम
बहुत से लोग सोचते हैं कि "खर्राटे" एक सामान्य बात है जो हर किसी के साथ होती है। इससे आसपास के लोगों को शोर जरूर हो सकता है, लेकिन इसे गंभीर नहीं समझा जाता है। हालांकि, क्या आप जानते हैं कि यदि आप नियमित रूप से खर्राटे लेते हैं या इसके साथ स्लीप एपनिया है, तो यह आपकी सेहत के लिए गंभीर रूप से हानिकारक हो सकता है?
खर्राटे कैसे आते हैं?
खर्राटे एक ऐसी स्थिति है जिसमें नींद के दौरान तेज आवाज़ आती है, जो सॉफ्ट पैलेट की मांसपेशियों, ग्रसनी (pharynx) और जीभ की मांसपेशियों के शिथिल होने के कारण होती है। ये सभी नींद के दौरान ढीली पड़ जाती हैं और ऊपरी वायुमार्ग (upper airway) को संकरा कर देती हैं, जिससे खर्राटों की आवाज़ आती है।
खर्राटों के लक्षण हल्के से गंभीर तक हो सकते हैं। यह आमतौर पर गहरी नींद के दौरान होते हैं और पीठ के बल सोने पर ज्यादा तेज हो जाते हैं। गंभीर मामलों में, खर्राटे सभी सोने की मुद्राओं में आते हैं और सांस लेने में कठिनाई या नींद के दौरान सांस रुकने के साथ होते हैं, जिससे ऊपरी वायुमार्ग या फेफड़ों (lungs) तक हवा का प्रवाह अनियमित हो जाता है और शरीर की विभिन्न प्रणालियों को पर्याप्त ऑक्सीजन नहीं मिलती।
खतरनाक खर्राटों की निगरानी जरूरी है
आसपास के लोगों को प्रभावित करने के अलावा, खर्राटे सीधे तौर पर स्लीप एपनिया से जुड़े होते हैं, जो एक खतरनाक स्थिति है और जिसपर नजर रखना जरूरी है। तो, किस तरह के खर्राटे चिंताजनक हैं?
๐ नियमित रूप से तेज खर्राटे आना
๐ नींद के दौरान रुक-रुक कर सांस रुकना
๐ सोते समय सांस घुटने या हांफने जैसे लक्षण
๐ सुबह उठने पर ताजगी का अभाव या ऐसा लगे कि नींद पूरी नहीं हुई
๐ नियमित रूप से सिरदर्द होना
๐ दिन में असामान्य थकान या अत्यधिक नींद आना
๐ एकाग्रता की कमी और कमजोर याददाश्त
๐ सुबह उठने पर मुंह, गला सूखा होना या गले में खराश
๐ रात में बार–बार पेशाब आना
๐ नींद में दांत पीसना
๐ रात में सीने में दर्द
๐ स्पष्ट कारण के बिना हाई ब्लड प्रेशर

किसे खर्राटों का जोखिम है?
हालांकि "खर्राटे" सामान्य लगते हैं, लेकिन हर कोई खर्राटा नहीं लेता। आइए देखें किन लोगों को "खर्राटे" लेने की संभावना अधिक है?
๐ अधिक वजन वाले व्यक्ति, क्योंकि इनकी ऊपरी वायुमार्ग सामान्य वजन वाले लोगों की तुलना में अधिक संकरी होती है
๐ वह लोग जिनको नाक की एलर्जी या नाक में पॉलीप्स (nasal polyps) हैं
๐ जिनकी नाक की सेप्टम (nasal septum) टेढ़ी है या चेहरे या ठुड्डी की बनावट असामान्य है, जैसे छोटी या पीछे की ओर धंसी हुई ठुड्डी
๐ ऐसे लोग जिनके टॉन्सिल (tonsils) बढ़े हुए हैं जो वायुमार्ग को ब्लॉक करते हैं
๐ नियमित रूप से शराब पीने वाले और धूम्रपान करने वाले लोग
๐ वे, जो ऐसी दवाइयां ले रहे हैं, जो उनींदापन लाती हैं, जैसे एंटीहिस्टामिन, नींद की दवाएं या सिडेटिव्स (sedatives)
๐ मेनोपॉज (menopause) या गर्भवती (pregnant) महिलाएं
खर्राटों के लक्षणों के लिए डॉक्टर से जाँच कराएं
यदि आप या आपके आसपास कोई खर्राटे लेता है, तो विशेषज्ञ से जाँच कराएं कि यह सिंपल खर्राटे (primary snoring) हैं या ऑब्सट्रक्टिव स्लीप एपनिया (obstructive sleep apnea) के साथ हैं।
๐ डॉक्टर विस्तृत चिकित्सा इतिहास लेंगे और नजदीकी लोगों से लक्षणों के बारे में पूछेंगे
๐ पूरी शारीरिक जांच करेंगे
๐ संभवतः ब्लड टेस्ट और इमेजिंग जांच करेंगे
๐ स्लीप टेस्ट द्वारा यह पता लगाया जा सकता है कि सिंपल खर्राटे हैं या स्लीप एपनिया, उसकी गंभीरता और नींद की गुणवत्ता कितनी है
"खर्राटे" का इलाज देर न करें!!
इलाज कारण और लक्षणों की गंभीरता पर निर्भर करता है, जिसमें सर्जिकल और गैर-सर्जिकल दोनों विकल्प शामिल हैं। विशेषज्ञ प्रत्येक मरीज का मूल्यांकन कर उपयुक्त इलाज बताते हैं।
गैर-सर्जिकल इलाज
๐ वजन कम करना और नियमित व्यायाम
๐ सोने की मुद्रा बदलना: सिर ऊंचा रखकर सोना, करवट लेकर सोना, पीठ के बल सोने से बचें
๐ शराब न पीना और धूम्रपान छोड़ना
๐ ऐसी डिवाइस का इस्तेमाल, जो नींद में वायुमार्ग को खुला रखती हैं, जैसे CPAP मशीन या डेंटल माउथपीस
๐ दवाओं या नेजल स्प्रे का उपयोग वायुमार्ग खोलने के लिए
सर्जिकल इलाज
सर्जरी का उद्देश्य ऊपरी वायुमार्ग को चौड़ा करना होता है और यह उन मरीजों के लिए उपयुक्त है, जिनमें एनाटॉमिकल असामान्यताएं हैं, जिससे खर्राटे या स्लीप एपनिया होता है, या गैर-सर्जिकल प्रयास असफल रहे हैं।
๐ नाक की सर्जरी, जैसे टेढ़ी सेप्टम या नाक में पॉलीप्स के लिए
๐ टॉन्सिलेक्टॉमी (tonsillectomy) और एडेनोइडेक्टॉमी (adenoidectomy)
๐ सॉफ्ट पैलेट की सर्जरी और यूवुला (uvula) का रीशेपिंग
๐ जीभ के बेस (base of tongue) की सर्जरी
๐ जबड़े (jaw) की सर्जरी
"खर्राटे" न सिर्फ आसपास के लोगों की नींद खराब करते हैं, बल्कि धीरे-धीरे खर्राटा लेने वाले व्यक्ति की सेहत भी बिगाड़ते हैं। इसलिए, यदि आप या आपके आसपास कोई नियमित रूप से खर्राटे लेता है, तो तत्काल विशेषज्ञ से सम्पर्क कर पूरी जांच करवाएं ताकि सबसे उपयुक्त इलाज मिल सके।
स्रोत : फयाथाई नवामिन अस्पताल
**अनुवादित एवं संकलित: ArokaGO कंटेंट टीम
स्वतंत्र लेखक
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